कुछ मिनटों का अंतर कैसे पूरी कुंडली बदल देता है
वैदिक ज्योतिष में जन्म-सूचना की सटीकता सर्वोपरि है। कुंडली एक विशेष क्षण और पृथ्वी पर एक विशेष स्थान के लिए बनाई जाती है। इन तीन में से कोई भी — तिथि, समय या स्थान — बदले तो कुंडली बदल जाती है। यह कोई तकनीकी विवरण नहीं है; यह संपूर्ण पठन की नींव है।
जन्म तिथि से सूर्य और धीमी गति वाले ग्रहों की राशि निर्धारित होती है। लेकिन चंद्रमा हर दो घंटे में लगभग एक अंश चलता है और हर ढाई दिन में राशि बदलता है। गलत जन्म तिथि से चंद्रमा गलत नक्षत्र में आ सकता है, जिससे दशाक्रम पूरी तरह बदल जाता है।
जन्म समय सबसे संवेदनशील जानकारी है। लग्न हर दो घंटे में बदलता है। लग्न का सटीक अंश भाव-कुंडली, वर्गकुंडलियाँ और ग्रह-दशाओं का क्रम निर्धारित करता है। पंद्रह मिनट का भी अंतर लग्न-अंश को इतना बदल सकता है कि फलकथन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़े।
जन्म स्थान स्थानीय क्षितिज की गणना के लिए आवश्यक है। दिल्ली और चेन्नई में एक ही समय जन्मे दो व्यक्तियों के लग्न भिन्न हो सकते हैं क्योंकि दोनों स्थानों से पूर्वी क्षितिज अलग दिखता है। अक्षांश और देशांतर आपकी कुंडली का आधार-बिंदु हैं।