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वैदिक ज्योतिष क्या है?

ज्योतिष — प्रकाश का प्राचीन भारतीय विज्ञान

ज्योतिष का अर्थ है "प्रकाश का विज्ञान।" यह वेदों के छह अंगों में से एक है — एक ऐसा ज्ञान जो हजारों वर्षों की साधना और अनुभव से सिंचित है। यह केवल भविष्यवाणी का साधन नहीं, बल्कि कर्म, धर्म और आत्मा की यात्रा का गहन मानचित्र है।

पश्चिमी ज्योतिष सूर्य राशि पर आधारित है और सायन राशिचक्र का उपयोग करता है। वैदिक ज्योतिष निरयन राशिचक्र का उपयोग करता है — जो वास्तविक तारों की स्थिति से संरेखित है। इसलिए आपकी वैदिक सूर्य राशि आपकी पश्चिमी राशि से भिन्न हो सकती है।

ज्योतिष का केंद्र है जन्म कुंडली — जन्म के ठीक उस क्षण और स्थान पर बनाई गई कुंडली। नौ ग्रह, बारह भाव और सत्ताईस नक्षत्र मिलकर उन संस्कारों को दर्शाते हैं जो आपके जन्म से पहले से चले आ रहे हैं।

ज्योतिष भाग्यवाद नहीं है। यह अंधेरे में एक दीपक है। यह आपके जीवन में चल रही ऊर्जाओं को दिखाता है ताकि आप सजगता से चल सकें, बेहतर निर्णय ले सकें, और अपने धर्म-पथ पर आगे बढ़ सकें। यही मेरा — गुरुजी का — उद्देश्य है।